छिंदवाड़ा। जिला उपभोक्ता प्रतितोषण फोरम की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी शर्मा की अध्यक्षता में जनपद पंचायत कार्यालय छिन्दवाड़ा के सभागार में आज उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण और उपभोक्ता हितों के प्रचार-प्रसार के लिये राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस पर संगोष्ठी संपन्न हुई। कार्यक्रम में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिये उपभोक्ता जागरूकता एवं उनके हितों के संरक्षण संबंधित विषयों पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर श्रीमती शर्मा ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 में समय के साथ कई तकनीकी एवं अन्य क्षेत्रों के विकास के फलस्वरुप कुछ कमियां परिलक्षित होने पर संशोधित उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लाया गया है जो शीघ्र ही लागू होगा । उन्होंने कहा कि कोई भी अधिनियम तभी सफल हो सकता है जब उससे लाभ लेने वाले लोग जागरूक हों। उपभोक्ताओं को जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से वस्तु अथवा सेवाओं के लिए किए गए भुगतान का बिल अनिवार्य रूप से लेने की अपील की। साथ ही सभी उपस्थितों से स्वयं के साथ ही अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी इस संबंध में जागरुक करने का अनुरोध किया। संगोष्ठी में जिला उपभोक्ता प्रतितोषण फोरम की न्यायिक सदस्य सुश्री निधि बारंगे ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अन्तर्गत किए गए नए प्रावधानों की जानकारी देते हुये बताया कि उपभोक्ताओं के अधिकारों का संवर्धन व संरक्षण करने और अनुचित व्यापार से होने वाली क्षति को बचाने के लिए ऐसी संस्थाओं और व्यक्तियों के विरूध्द कार्यवाही करने का प्रावधान किया गया है। तथा विवाद के त्वरित समाधान के लिए मध्यकता का प्रावधान भी किया गया है। जिला बार एसोसिएशन के सचिव श्री संगीत श्रीवास्तव ने सभी उपस्थितों को राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधिनियम के प्रावधान तभी सार्थक होंगे जब उपभोक्ता जागरूक होंगे। उपभोक्ताओं को सभी खरीदी संबंधी सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए और पक्का बिल जरूर लेना चाहिये, तभी उपभोक्ता फोरम में शिकायत की जा सकती है। उन्होंने बैंकिंग, दवा खरीदी आदि के दौरान रखने वाली सावधानियों से अवगत कराया। एन.जी.ओ. संचालक इंजीनियर प्रभु कृपाशंकर यादव द्वारा पक्के बिल न लेने के कारणों पर प्रकाश डाला गया। खुली खाद्य सामग्रियों पर बनाने की तिथि के साथ ही उपभोक्ताओं को बेचने का सुझाव दिया गया तथा वन और जल के उपभोक्ता के रूप में जनमानस से वन और जल का संरक्षण करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में जिला आपूर्ति अधिकारी श्री जी.पी.लोधी ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिये पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं और उनके हितों के संरक्षण के लिये जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग गठित किये गये है। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जानकारी देने और अधिनियम के प्रावधानों का लाभ दिलाने के साथ ही उपभोक्ताओं के संरक्षण एवं जागरूकता के लिये भारत शासन द्वारा प्रतिवर्ष 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस घोषित किया गया हैं जिसके उद्देश्य की पूर्ति के लिये राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की गई है।
इस कार्यक्रम में उपभोक्ताओं के हित से जुड़े सभी विभागों द्वारा अपने-अपने विभागों की जानकारी एवं उपभोक्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपभोक्ता जागरूकता एवं उनके हितों के संरक्षण से संबंधित विषयों पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया गया जिसमें जूनियर वर्ग में कुमारी तनिष्का ने प्रथम, कुमारी आराध्या ने व्दितीय और पार्थ हरजानी ने तृतीय तथा सीनियर वर्ग में कुमारी फलिश्विनी ने प्रथम और श्री नित चौधरी ने व्दितीय स्थान प्राप्त किया। इस दौरान केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबंधक श्री के.के.सोनी, उपायुक्त सहकारिता श्री डेहरिया और सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री डी.के.मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्तागण, पत्रकार एवं आमजन मौजूद थे ।