कुंभकर्ण और मेघनाद का भी होगा संहार, श्रीराम का होगा राज्याभिषेक
श्रीराम लीला मंडल की अपील : घर बैठे आॅनलाइन देखें दशहरा का समारोह
छिंदवाड़ा । श्रीरामलीला का दस दिवसीय मंचन के नौवें दिवस का मंचन किया गया। मण्डल के अध्यक्ष सतीश दुबे लाला ने बताया कि इस वर्ष कोविड 19 के कारण दशहरा कार्यक्रम स्वरूप में परिवर्तन किया जाएगा।
मंडल के मीडिया प्रभारी एवं सहनिर्देशक ऋषभ स्थापक ने बताया कि हनुमानजी के लंका दहन एवं श्रीराम के समुद्र सेतू पार करने से रावण चिंतित होता है एवं उसके दस शीश एक साथ बोल पड़ते है। श्रीराम की आज्ञा से अंगद जी लंका की राज सभा के लिए निकलते है मार्ग में रावण के पुत्र राजकुमार से युद्ध होता है एवं अंगद जी उसका वध करते है। राजसभा में पहुँचकर अंगद जी रावण को जानकी को वापस करने एवं न करने पर भयंकर परिणाम के विषय मे बताते है। अहंकार के मद में चूर रावण अंगद की कोई बात नही सुनता अंत मे अंगद राजसभा में अपने पैर को जमा लेते है एवं चुनौती देते है कि यदि कोई सभासद तनिक मात्र भी पैर हिला देगा तो श्रीराम जानकी को हार जाएंगे। सभी सभासद प्रयास करने परन्तु सभी निष्फल हो जाते है। इस प्रकार अंगद जी अपनी बुद्धि एवं बल का परिचय देकर युद्ध की घोषणा करते है।
वरिष्ठ कलाकर अभिषेक मुदलियार ने बताया कि युद्ध दिवस में लक्ष्मण जी एवं मेघनाथ का युद्ध होता है जिसमे मेघनाथ ब्रम्ह शक्ति का उपयोग करके लक्ष्मण जी को मूर्छित कर देता है। तब हनुमान जी सुषेण वैद्य के परामर्श अनुसार संजीवनी बूटी लेने जाते है जहां वे मार्ग में कालनेमि का वध करते है। बूटी लेकर वापस आते समय हनुमानजी की भरत जी से भेंट होती है। हनुमानजी समयानुसार बूटी लेकर छावनी में पहुँचते है एवं सुषेण वैद्य उपचार करके लक्ष्मण जी की मूर्छा दूर करते है। मुख्य निर्देशक विजय आनंद दुबे ने बताया कि दशहरा मैदान के कार्यक्रम के पश्चात श्रीरामलीला मंच छोटी बाजार पर कुम्भकर्ण वध, मेघनाथ वध एवं रावण वध का मंचन किया जाएगा। मण्डल के सहसचिव विपिन सोनी एवं अंकित ठाकुर ने बताया कि नौवें दिन के राम भोग के सहयोगी राहुल मालवी रहे।
*शोभायात्रा का स्वरूप हुआ छोटा, दशहरे के कार्यक्रम को भी ऑनलाइन प्रसारण में तब्दील किया*
श्रीरामलीला मंडल के सचिव रोहित द्विवेदी एवं मार्गदर्शक अशोक चौरसिया ने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा में समिति के मात्र दस लोग ही शामिल होंगे एवं यात्रा का स्वरूप छोटा होगा। शोभायात्रा के मार्ग में बदलाव नही किया गया है परन्तु भगवान के स्वरूप के रथ में चढ़ने प्रतिबंध होगा। मंडल के संरक्षक द्वय राजू चरणागर एवं अरविन्द राजपूत ने बताया कि कोविड 19 के चलते कार्यक्रम के स्वरूप में आंशिक बदलाव किए गए है। रावण पुतले का आकार 21 फिट रखा गया है एवं इस वर्ष आतिशबाजी नही होगी। मंडल के संरक्षक कस्तूरचंद जैन एवं समिति के सुनील सोनी ने बताया कि दशहरा मैदान में मात्र दो सौ लोगो के ही बैठने की व्यवस्था की गई है एवं अपील की गई है कि दशहरे का आनंद सीधे प्रसारण, फेसबुक एवं यूट्यूब के माध्यम से ही लेवें।
*नौवें दिन इन कलाकरो ने की महत्वपूर्ण भूमिका अदा*
सहनिर्देशक शशांक दुबे ने जानकारी दी कि नौवें दिवस श्रीराम : रजत पाण्डेय, लक्ष्मण : आयुष शुक्ला,हनुमान : संतोष कुशवाह, भरत : ऋषभ स्थापक, अंगद प्रजीत दुबे, जामवंत : सतीश विश्वकर्मा, रावण : विनोद विश्वकर्मा , मेघनाथ : जितेंद्र सोनी, विभीषण : राजू माहोरे ने भूमिकाएं निभाई।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कल करेंगे रावण का वध, ठीक 06:30 बजे होगा दहन